Search My Blog

Monday, October 29, 2012

जब से कह दिया,  आंसू बेशकीमती मोती होते हैं ।
आलम ये है अब दोस्तों, देने सौगात मोतियों की उन्हें, हर रोज हम रोते हैं।। रामेश्वरी 

No comments:

Post a Comment