ना करो नुमाईश खुद की, यहाँ कोई खुदा नहीं है ।
पंथ भिन्न हैं राही सुन ले, ऊपर वाला जुदा नहीं है।।
उठे हाथ ऊपर दुआ को, दो गज ज़मीं काफी यहीं है ।।। रामेश्वरी ...
पंथ भिन्न हैं राही सुन ले, ऊपर वाला जुदा नहीं है।।
उठे हाथ ऊपर दुआ को, दो गज ज़मीं काफी यहीं है ।।। रामेश्वरी ...
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