मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Saturday, May 18, 2013
वो कुछ ऐसे गरज कर, गुजरे आँगन से मेरे ।
निगाह धुंधली हैं, पड़ा नैनो में सावन तब से ॥ रामेश्वरी
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