बसंत आया, बसंत आया ..
खिले बसंती पुष्प ..
हर मन बसंत सा निखर आया ..
बसंत आया, बसंत आया ..
प्रभाकर ने चोला बदला ..
स्वयं ओजस रूप आया ..
कोपलें नयी खिल उठीं ..
प्रकृति में श्रृंगार आया ..
बसंत आया बसंत आया ..
मुखर हुए पलाश शाख पर ..
टेसू भी रंग भर लाया ..
वात बसंती मचल रही ..
पंछियों ने राग सुनाया ...
बसंत आया, बसंत आया ...
राम रहीम में मनमुटाव कब से ..
जब से मुख पर...
मंदिर मस्जिद आया ..
बसंत, होली पर्व लाया ..
बिछडे दिलों में सौहार्द लाया ..
बसंत आया, बसंत आया .....रामेश्वरी

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