मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Saturday, June 15, 2013
जिसमे स्त्री के पंखो को उड़ान नहीं ..
वो कौन कहता है आसमान है ..
मुट्ठी भर धुँध लगा मुझे
ऐसे आसमान की मैं मोहताज नहीं .....रामेश्वरी
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