कुछ हायकू लिखने की कोशिश मात्र ..यदि कोई त्रुटि हो तो क्षमा करें और मेरा मार्गदर्शन भी करें ।
युद्ध सफ़र ॥
जीवन शोर ।
जे मृत्यु मौन धरे ॥
कर्म ही यात्रा ॥
राही रंजिश धरे ॥
अंत एकाकी ॥।
कहीं थे शाखी।
कहीं बंज़र ज़मीं ..
नहीं यात्रा थमी ॥।
मौन है पथ ..
है सफ़र अधिक ..
चल पथिक ..रामेश्वरी
कहीं बंज़र ज़मीं ..
नहीं यात्रा थमी ॥।
मौन है पथ ..
है सफ़र अधिक ..
चल पथिक ..रामेश्वरी
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