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Saturday, June 15, 2013

हायकू

कुछ हायकू लिखने की कोशिश मात्र ..यदि कोई त्रुटि हो तो क्षमा करें और मेरा मार्गदर्शन भी करें । 


जीवन शोर । 
जे मृत्यु मौन धरे ॥ 
कर्म ही यात्रा ॥ 

युद्ध सफ़र ॥ 
राही रंजिश धरे ॥ 
अंत एकाकी ॥। 

कहीं थे शाखी।
कहीं बंज़र ज़मीं ..
नहीं यात्रा थमी ॥। 

मौन है पथ ..
है सफ़र अधिक ..
चल पथिक ..रामेश्वरी

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