होंगे अंदाजे बयां एक दिन कुछ ख़ास ,
हम फकीरों के ,
होके तुझ पे कुर्बान ख़त्म होंगे जब निशान
हम फकीरों के,
भरता रह जाएगा तू कोने बे हया तिजोरी के,
साथ मगर जायेंगे बस काम
हम फकीरों के,
कर ले इजाफा दुआओं में अपनी ,
हम फकीरों के ,
होके तुझ पे कुर्बान ख़त्म होंगे जब निशान
हम फकीरों के,
भरता रह जाएगा तू कोने बे हया तिजोरी के,
साथ मगर जायेंगे बस काम
हम फकीरों के,
कर ले इजाफा दुआओं में अपनी ,
दर्द बाँट ले किसी का , बेरहम सुन पैगाम
हम फकीरों के,
न रहे मालिक इन किलों और मीनारों के,
याद कर - कर के सजदों में हैं लोग, खड़े हैं बुत सरे आम ,
हम फकीरों के ,
हम फकीरों के,
न रहे मालिक इन किलों और मीनारों के,
याद कर - कर के सजदों में हैं लोग, खड़े हैं बुत सरे आम ,
हम फकीरों के ,
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