मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Thursday, January 24, 2013
वो रो रो कर गम ज़माने में सरेआम बयाँ करते हैं ।
कोई पूछो दर्द हमसे, हम अपने लफ़्ज़ों से अपने लब सिया करते हैं ।।रामेश्वरी
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