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Sunday, August 19, 2012



निखरा  तभी ...
तपा है जब सोना..
तप इंसान ..
बना है जानवर ...
जंगल कहीं भला.....

धर्म न जात ...
ना शिकवा न गिला ....
भूख ही धर्म ...
जै शक्ति तिन मिला ...
रामेश्वरी 

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