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Saturday, August 20, 2011


जब किसी से वफ़ा की उम्मीद रखना 
थोड़ी वफ़ा की लो  खुद मैं भी जलाये रखना...
बुरा कोई कोख से जन्मा नहीं.. 
थोड़ी अच्छाई खुद मैं बचाए रखना..
ईश्वर, खुदा  घर आएगा तुम्हारे.. 
घर का द्वार खुला ही रखना...
नफरत हार सकती है दिलों मैं 
बस्सस्सस्सस ....
इक  मोहब्बत की चिंगारी कहीं सीने मैं ...
सुलगाये रखना...

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