- बाहर निकली देखा ..
- कोई आ रहा था कोई जा रहा था
- कोई ये ले लो, वो ले लो चिल्ला रहा था
- कोई घुफत्गु धीमे२ कानो में लगा रहा था
- कोई किराया कम, दे कोई पूरी लेने को ठान रहा था
- हर चेहरे के भाव भिन्न थे ...भागिमायें अलग थी
- हर चेहरा बिन बोले कुछ कहे जा रहा था ..
- किसी के चेहरे में पत्नी से हुआ विवाद था , किसी के चेहरे में दबा इक अवसाद था
- किस के चेहरे में प्रेम की अंगड़ाई थी , किसी पर जैसे मुसीबत ही आई थी
- किसी की दरोगा से हो रही फ़रियाद थी ...
- किसी की कमाई पर किसी ने की सफाई थी ..
- कोई पेट की आग के लिए कीचड में उतारे जा रहा था
- कहीं कुछ मिल जाए कीचड में हाथ वहां घुमा रहा था ..
- जो चेहरे पड़े कल ..उस भाषा को क्या नाम दूं , समझ नहीं आ रहा था ..
- वाह दुनिया तेरे रंग हज़ार ...रोज देखूं लगे नयी हर बार ...
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Tuesday, June 14, 2011
चेहरे दुनिया के
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