मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Friday, April 7, 2017
तराश कर पत्थरों से, ज़िंदा बोलते बूत बनाये गए |
बूत बन, गूंगे इंसानो ने, खुद को पत्थर साबित किया ||
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