मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Monday, December 27, 2010
दिल से दिल तक हमने तो कलम चलाई थी |
पर क्या करे इस स्याही ने करी बेवफाई थी ||
चीर कर खून अपना कलम भरे चले गए ..चले गए...
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